राज्य में इस बार करीब 20 हजार पूजा पंडाल बनाए गए हैं। इनमें लगभग 1500 बड़े पंडाल हैं। पटना में करीब 1500 पंडालों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है, जिनमें 100 बड़े स्तर के हैं। पूजा के दौरान आग से बचाव को लेकर अग्निशमन विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। शुक्रवार से अधिकारी पंडालों का निरीक्षण करेंगे। मानकों में कमी मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
फायर डीआईजी मनोज कुमार नट ने बताया कि पटना को चार जोन में बांटकर सुरक्षा की तैयारी की गई है। रणनीतिक जगहों पर अग्निशमन की गाड़ियां तैनात की गई हैं। इस बार अलग से रेस्क्यू टीम बनाई गई है, जो जरूरत पड़ने पर सिर्फ बचाव कार्य करेगी। लोगों से पंडाल के बाहर हवन-पूजन और दीप जलाने की अपील की जा रही है।
पंडालों के लिए जरूरी सुरक्षा मानक:
- पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होनी चाहिए।
- दो एंट्री और दो एग्जिट गेट जरूरी हैं। गेट की ऊंचाई कम से कम 5 फीट हो।
- प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स की व्यवस्था होनी चाहिए।
- इमरजेंसी के लिए दो ड्रम पानी और मग रखना जरूरी है।
- पंडाल से लटकते बिजली के तारों की पर्याप्त दूरी होनी चाहिए।
- शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए सुरक्षित बिजली व्यवस्था करनी होगी।
- पंडाल के अंदर या आसपास आग से संबंधित दुकानें नहीं लगेंगी।
- हवन, पूजन और दीप जलाने का काम पंडाल के बाहर करने की अपील की गई है।
राज्य स्तर से सभी जिलों को एडवाइजरी भेजी गई है। इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम और अस्थायी कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। डीएफओ के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।