पटना के सगुना मोड़ स्थित एक कार्यक्रम में फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी पुस्तक के तीसरे संस्करण का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर हुई। इस मौके पर FSL विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। साथ ही ज्यूडिशरी और पुलिस प्रशासन से जुड़े लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

FSL विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शैहवाज आलम ने बताया कि पुस्तक का पहला संस्करण वर्ष 2013 में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद 2016 और 2019 में इसके नए संस्करण प्रकाशित किए गए। अब वर्ष 2026 में पुस्तक का तीसरा संस्करण जारी किया गया है।

उन्होंने बताया कि यह पुस्तक खास तौर पर NET-JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। इसमें फॉरेंसिक साइंस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न, विषय से संबंधित जानकारी और अभ्यास सामग्री दी गई है।

इसके अलावा FSL में नौकरी के लिए होने वाली योग्यता परीक्षाओं की तैयारी में भी पुस्तक विद्यार्थियों के लिए मददगार होगी। ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के तहत आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए भी इसे उपयोगी बताया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य फॉरेंसिक साइंस के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा के पैटर्न को समझने और नियमित अभ्यास करने में मदद मिलेगी।